निर्माण गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल, जवाब संतोषजनक नहीं : बारिश में बह गई 4 करोड़ की सड़क, कलेक्टर ने ठेकेदार-अधिकारी को थमाया नोटिस; 7 दिन में जवाब तलब
Rajendra Tantway Tue, Aug 18, 2026
डिंडौरी, 18 अगस्त 2026। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत विकासखंड मेंहदवानी में निर्मित एसएच-11 चाबी-मेंहदवानी रोड से कुसेरा (खिसी, जिला मंडला सीमा) तक 12.1 किलोमीटर सड़क तेज बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त होने के मामले को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। सड़क का बड़ा हिस्सा पुलिया के समीप कटकर बह जाने के बाद निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के पालन को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। मामले में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने संबंधित ठेकेदार एवं निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
बताया गया है कि करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से उक्त सड़क का निर्माण शिव शक्ति कंस्ट्रक्शन, सतना द्वारा कराया गया था। निर्माण कार्य 29 अप्रैल 2023 को पूर्ण होना बताया गया है। वर्तमान में सड़क पांच वर्षीय गारंटी संधारण अवधि में है। इसके बावजूद तेज बारिश के दौरान पुलिया के समीप सड़क का एक बड़ा हिस्सा कटकर बह गया, जिससे मार्ग पर गहरा कटाव हो गया और ग्रामीणों के आवागमन पर असर पड़ा।
निर्माण गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल
प्रशासन द्वारा जारी नोटिस में निर्माण कार्य के दौरान निर्धारित तकनीकी मानकों के पालन और गुणवत्तापूर्ण निर्माण को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। सड़क एवं पुलिया निर्माण में पर्याप्त गुणवत्ता वाली सामग्री के उपयोग तथा बारिश के पानी की समुचित निकासी के इंतजामों को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि निर्माण कार्य में कथित लापरवाही एवं अनियमितताओं के कारण शासन को आर्थिक क्षति पहुंचने की स्थिति निर्मित हुई। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित पक्षों के जवाब और विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
अधिकारी की निगरानी पर भी सवाल
मामले में निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारी की भूमिका और पर्यवेक्षण पर भी सवाल उठाए गए हैं। नोटिस में आरोप है कि निर्माण कार्य का सतत निरीक्षण नहीं किया गया तथा अधीनस्थ अमले को समय पर आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण उपलब्ध नहीं कराया गया।
इसके चलते निर्माण कार्य में कथित कमियों और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो सका। संबंधित अधिकारी के कृत्य को पदीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता एवं गंभीर लापरवाही बताते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के उल्लंघन का उल्लेख किया गया है।
संबंधित अधिकारी से मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 14 के अंतर्गत प्रस्तावित अनुशासनात्मक कार्रवाई के संबंध में जवाब मांगा गया है।
ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट और FIR की चेतावनी
निर्माण एजेंसी को जारी नोटिस में निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन नहीं करने, अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन तथा निर्माण गुणवत्ता से जुड़े आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि ठेकेदार का जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो नियमानुसार फर्म को ब्लैकलिस्ट करने के साथ FIR दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
सात दिन में देना होगा जवाब
संबंधित अधिकारी और ठेकेदार को नोटिस प्राप्त होने की तारीख से सात दिवस के भीतर लिखित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय सीमा में जवाब नहीं देने अथवा जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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