डिंडौरी से रेवांचल समय चक्र का आगाज, गांव की आवाज पहुंचेगी देश तक : आदिवासी अंचल की माटी से पत्रकारिता के नए अध्याय का शुभारंभ, डिंडौरी से ‘रेवांचल समय चक्र’ की डिजिटल यात्रा शुरू
Rajendra Tantway Thu, Aug 13, 2026
डिंडौरी। आदिवासी संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और संघर्षशील जनजीवन की पहचान रखने वाली डिंडौरी की धरती से पत्रकारिता के नए अध्याय का शुभारंभ हुआ है। ‘रेवांचल समय चक्र न्यूज़ पोर्टल’ ने अपनी डिजिटल यात्रा शुरू करते हुए गांव की चौपाल से देश के व्यापक संवाद तक जनसरोकारों की आवाज पहुंचाने का संकल्प लिया है।
यह शुरुआत महज एक न्यूज़ पोर्टल के आगाज तक सीमित नहीं है, बल्कि उन आवाजों को मंच देने का प्रयास है, जो अक्सर गांव की पगडंडियों, खेतों की मेड़ों, जंगलों की छांव और दूरस्थ अंचलों की चौपालों तक सिमटकर रह जाती हैं।
खबर वही, जो जमीन से उठे
रेवांचल समय चक्र का उद्देश्य समाचार को केवल सूचना के रूप में प्रस्तुत करना नहीं, बल्कि जनभावनाओं, जनसमस्याओं और जनसरोकारों को शब्द देना है। गांव के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की समस्या से लेकर जिले की महत्वपूर्ण घटनाओं तक, हर खबर को तथ्य, संवेदना और जिम्मेदारी के साथ सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।
शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि, ग्रामीण विकास, सड़क, बिजली, पानी, प्रशासनिक गतिविधियां और सामाजिक सरोकार पोर्टल की पत्रकारिता के प्रमुख विषय होंगे।
आदिवासी अंचल की आवाज को मिलेगा मंच
डिंडौरी की पहचान उसकी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, लोकपरंपराओं, प्राकृतिक विरासत और जीवंत लोकजीवन से है। रेवांचल समय चक्र इस विरासत को प्रदेश और देश के सामने रखने के साथ-साथ आदिवासी समाज की प्रतिभाओं, उपलब्धियों, चुनौतियों और आकांक्षाओं को भी व्यापक मंच देने का प्रयास करेगा।
निष्पक्षता और विश्वसनीयता प्राथमिकता
पत्रकारिता लोकतंत्र का आईना है। इस आईने में केवल उपलब्धियों की चमक नहीं, बल्कि समाज की उन तस्वीरों को भी स्थान मिलना चाहिए, जिन पर ध्यान देना आवश्यक है।
रेवांचल समय चक्र की पत्रकारिता में तथ्यपरकता, निष्पक्षता, विश्वसनीयता, संवेदनशीलता और जनहित को प्राथमिकता दी जाएगी। जहां विकास और जनकल्याण की अच्छी पहल होगी, उसे समाज तक पहुंचाया जाएगा और जहां जनहित से जुड़े सवाल होंगे, उन्हें तथ्यों के साथ सामने रखने का प्रयास किया जाएगा।
पगडंडी से डिजिटल संसार तक
डिजिटल युग ने संवाद की दूरियां कम कर दी हैं। आज किसी दूरस्थ गांव की आवाज भी कुछ ही क्षणों में व्यापक समाज तक पहुंच सकती है। इसी संभावना को मजबूत करते हुए रेवांचल समय चक्र गांव और शहर, आमजन और प्रशासन तथा स्थानीय मुद्दों और व्यापक समाज के बीच संवाद का सेतु बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
‘खबरें गांव से देश तक’ — संकल्प
रेवांचल समय चक्र का मूल उद्देश्य स्पष्ट है—गांव की आवाज को देश के संवाद तक पहुंचाना।
डिंडौरी की माटी से शुरू हुई यह यात्रा गांव की चौपालों, खेतों की मेड़ों, जंगलों की पगडंडियों और कस्बों की गलियों से निकलकर प्रदेश और देश के व्यापक मंच तक पहुंचने का प्रयास करेगी।
रेवांचल समय चक्र
पगडंडी से खबर तक...
गांव की आवाज से देश के संवाद तक...
“खबरें गांव से देश तक।”
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