मूसलाधार बारिश से उफान पर नर्मदा; नर्मदा पुल और जोगी टिकरिया पुल जलमग् : माँ नर्मदा ने धारण किया विराट स्वरूप, जलधारा के आगे थम गया जनजीवन
Rajendra Tantway Mon, Aug 10, 2026
डिंडौरी--- जबलपुर मार्ग पर आवागमन प्रभावित
डिंडौरी। सावन की झमाझम बारिश के बीच रविवार को डिंडौरी की जीवनदायिनी माँ पतित पावनी नर्मदा ने अपना विराट स्वरूप धारण कर लिया। आसमान से बरसती अविरल जलधारा और पहाड़ों से उतरकर नर्मदा में समाती धाराओं के बीच नदी का जलस्तर देखते ही देखते तेजी से बढ़ता गया। देखते ही देखते वह समय आ गया, जब जिला मुख्यालय के बस स्टैंड के समीप स्थित नर्मदा पुल भी बढ़ती जलधारा के सामने अदृश्य होने लगा और पुल के ऊपर से नर्मदा की लहरें बहने लगीं।
नर्मदा का यह विराट विस्तार केवल नदी के किनारों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका सीधा असर जनजीवन और आवागमन पर भी पड़ा। नर्मदा पुल के जलमग्न होने से देवरा ग्राम पंचायत, साकेतनगर, हंसनगर सहित नदी पार के अनेक क्षेत्रों का जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हो गया। नदी के बढ़ते जलस्तर ने लोगों को सावधान कर दिया है और प्रशासन ने भी संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।
जोगी टिकरिया पुल भी नर्मदा की जलधारा में डूबा
बढ़ते जलस्तर का असर डिंडौरी-जबलपुर हाईवे पर भी देखने को मिला। जोगी टिकरिया स्थित पुल नर्मदा के बढ़े हुए पानी में डूब गया। पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण इस मार्ग पर सामान्य आवागमन प्रभावित हुआ। सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन द्वारा लोगों को इस मार्ग से गुजरने से रोकने और अनावश्यक आवाजाही से बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
नर्मदा की लहरों का विस्तार इतना अधिक रहा कि पुल और आसपास के क्षेत्र नदी की जलराशि में समाए हुए नजर आए। सुबह सामने आई तस्वीरों में नर्मदा की विशाल जलधारा अपने विराट रूप में दिखाई दी, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।


1982 के बाद ऐसी बाढ़ का दावा
स्थानीय जानकारों के अनुसार नर्मदा में 1982 के बाद इस स्तर की बाढ़ देखने को मिल रही है। लगातार बारिश और तेजी से बढ़ते जलस्तर ने नदी किनारे बसे इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। हालांकि नर्मदा का विराट स्वरूप अपने भीतर प्रकृति की अद्भुत शक्ति और सौंदर्य समेटे हुए है, लेकिन जलस्तर में लगातार वृद्धि ने प्रशासन की चुनौतियां भी बढ़ा दी हैं।
नर्मदा के तटवर्ती क्षेत्रों में प्रशासन की निगाहें लगातार जलस्तर पर टिकी हुई हैं। संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और लोगों से नदी तथा जलमग्न क्षेत्रों से पर्याप्त दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है।
मुनादी कर लोगों को किया जा रहा सतर्क
स्थिति को देखते हुए नगर पंचायत की ओर से लगातार मुनादी कर लोगों को नर्मदा नदी, जलमग्न पुलों और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। लोगों से अनावश्यक आवाजाही नहीं करने तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
प्रशासनिक अमला नर्मदा तट और जलभराव वाले क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए संबंधित अमले को सतर्क रखा गया है।
बारिश जारी रही तो बढ़ सकती है चुनौती
फिलहाल आसमान से बारिश का सिलसिला जारी है और नर्मदा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि बारिश इसी तरह जारी रही और जलस्तर में और वृद्धि हुई तो नदी से लगे अन्य क्षेत्रों में भी जलभराव की स्थिति गंभीर हो सकती है।
नर्मदा का विराट स्वरूप इस समय डिंडौरी में प्रकृति की उस अपार शक्ति की कहानी कह रहा है, जिसके सामने इंसानी रास्ते भी ठहर जाते हैं। पुल जलधारा में डूब गए हैं, रास्तों पर आवाजाही थम गई है और नदी किनारे बसे लोगों की निगाहें अब आसमान और नर्मदा के बढ़ते जलस्तर पर टिकी हुई हैं।
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